गीता प्रेस को वर्ष 2021 का गांधी शांति पुरस्कार;बधाई

वर्ष 2021 का गांधी शांति पुरस्कार के लिए गीता प्रेस, गोरखपुर को बधाई। 
मेरे जैसे न जाने कितने लोग बचपन से गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित कल्याण, श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण, श्री राम चरितमानस और न जाने कितने  ऐसे ग्रन्थ पढ़ते हुए बड़े हुए हैं।कल्याण में छपी "पढ़ो,समझो और करो" के किस्सों से न जाने कितने लोगों को अच्छे कर्म और परोपकार करने की प्रेरणा मिली होगी।मुझको याद है कि आज से लगभग 50 वर्ष पूर्व बचपन में मेरे बाबा स्व0 सुशील चंद्र चतुर्वेदी जी हमको इन कथानकों को पढ़ने को प्रेरित करते थे।
1923 में स्थापित, गीता प्रेस दुनिया के सबसे बड़े प्रकाशकों में से एक है।गीता प्रेस ने हमारे प्राचीन सामाजिक,सांस्कृतिक और धार्मिक ग्रंथों को शुध्द रूप में,हिंदी अनुवाद के साथ, उचित दामों में जन साधारण को उपलब्ध करा कर दशकों से हमारी प्राचीन संस्कृति से न जाने कितनी नयी पीढ़ियों को परिचित कराने का काम किया है।
 

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