Sindbad Travels-7
Sindbad Travels-7 Egypt-3 Cairo 2nd day Papyrus Museum मिस्र-3 काहिरा 2सरा दिन पेपिरस म्यूज़ियम नील नदी और उस से जुड़ी बातों को सोचता हुआ अब मैं मिस्र के प्रसिद्ध Papyrus Museum पहुँच चुका था।म्यूज़ियम में अंदर घुसे तो ऐसा लगा कि किसी बहुत बड़ी चित्र दीर्घा में आ गए हों।चारों तरफ न जाने कितने किस्म के अलग अलग साइजों के चित्र टंगे और रैकों पर लटके हुए भी थे।इतने सुंदर चित्र थे वो कि शब्दों में बयान करना मुश्किल ही नहीं अपितु नामुमकिन है। मिस्टर मैगदी ने मुझको वहाँ एक महिला और एक पुरुष गाइड अथवा उस म्यूज़ियम के कर्मचारियों से मिलवा दिया।वो लोग बहुत ही सभ्य,सुसंस्कृत थे और उनकी अंग्रेज़ी भी ठीक थी।उन लोगों ने मुझको बताना शुरू किया कि इजिप्ट में हजारों वर्ष पहले सभ्यता इतनी उन्नति कर चुकी थी कि उन लोगों ने लिखने और चित्र आदि बनाने हेतु एक किस्म की वानस्पतिक शीट बनाने में सफलता प्राप्त कर ली थी और इसको पेपिरस कहा जाता था।पेपिरस शब्द लैटिन और ग्रीक के पौरोस से आया था।पेपिरस बनाने की विधि मिस्र वालों ने बहुत समय तक गोपनीय रखी और उसका लाभ उठाते रहे।ये पेपिरस नील नदी के डेल्टा मे...