बुजुर्गों के किस्से — 3 रायबहादुर पंडित बृजेन्द्र नाथ चतुर्वेदी
बुजुर्गों के किस्से — 3 रायबहादुर पंडित बृजेन्द्र नाथ चतुर्वेदी आजकल हम अपने पारिवारिक लोगों की जानकारी के लिए परिवार के बुजुर्गों के विषय में जो किस्से मालूम हैं या जिनसे हम खुद जुड़े रहे, वो किस्से लिख रहे हैं। इस लेखन का एक उद्देश्य है कि घर के, परिवार के लोगों को अपने बुजुर्गों के विषय में पता चले और दूसरे ये सारी बातें एक किस्म से डॉक्युमेंटेड हो जाएँ, ताकि भविष्य में आगे की पीढ़ी के लिए पारिवारिक जानकारी उपलब्ध रहे। लिखने वाले तब रहें या न रहें, जानकारी चलती रहेगी। रायबहादुर बृजेन्द्र नाथ चतुर्वेदी बाबू चच्चा या राय बहादुर डॉक्टर गुलजारीलाल चतुर्वेदी सिविल सर्जन के मँझले पुत्र थे और उनका जन्म संभवत: सन 1903 में हुआ था। आज बात सन 1978 या 1979 कभी की है। हम इलाहाबाद से छुट्टियों में घर फिरोजाबाद आए हुए थे और तभी एक दिन बाबा को समाचार मिला कि छुटको चाची यानी कि राय बहादुर साहब स्वर्गीय बृजेन्द्र नाथ जी की पत्नी की तबियत रीवा में खराब है। बाबा ने हमको हनुमान ग्लास में दादा यानी कि सुबोध दादा के पास भेजा कि उनको बताकर आओ और फिर कहा कि तुमको रीवा जाना है। अब हमारा रीवा जाने ...