मैं 65 वर्ष का हो गया
कल मैं 65 साल का हो गया। सबसे पहले इस अवसर पर आप सभी से मिली ढेर सारी शुभकामनाओं, स्नेह और आशीर्वाद के लिए हृदय से बहुत-बहुत आभार। आपका यह अपनापन मेरे लिए बहुत मायने रखता है। पिछले कुछ दिनों से सोच रहा था कि आखिर 65 साल का हो जाने में ऐसी क्या खास बात है? फिर लगा कि खास बात शायद उम्र का यह आँकड़ा नहीं, बल्कि जिंदगी के इतने साल जीने का अवसर मिलना है। भगवान ने इस उम्र तक पहुँचाया, इसके लिए उसका धन्यवाद तो देना ही चाहिए। वैसे तो न जाने कितने लोग 75, 85 और 95 साल के भी होते हैं, लेकिन न जाने कितने ऐसे भी थे जो 65 साल की उम्र तक नहीं पहुँच सके। इसलिए अब इस उम्र का महत्व कुछ अलग ही महसूस हो रहा है। जब हम छोटे थे तो पापा-मम्मी के साथ आगरा घूमने और फिल्म देखने जाया करते थे। आगरा जाते समय अपने बाबा से कहते कि बाबा, आगरा जा रहे हैं, सिनेमा देखकर लौटेंगे। तो हमारे बाबा कहते, "तुम आगरा जाकर सिनेमा देखोगे और हम यहीं बैठे-बैठे अपनी आँखें मूँदते हैं तो आँखों में सिनेमा की रील-सी चल जाती है।" बाबा की उम्र उस समय 80-82 साल रही होगी और मेरी 11-12 साल। उनकी बात का मर्म उस समय ठीक से समझ में नह...