वोट डालिये लेकिन पहले दिल।पर हाथ रख कर सोचिये
मैं एक कांग्रेसी कार्यकर्ता हूँ और आपसे कुछ निवेदन करना चाहता हूँ.
कुछ संजीदा बातों को भी सोचियेगा वोट देने से पहले:-
1.देश के एक प्रधानमंत्री को आतंकियों ने मारा और एक पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या आतंकवादियों ने की; ये किस पार्टी के थे?इन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया क्या इनका यही कसूर था कि आज इनकी विचारधारा मानने वालों से उनकी देशभक्ति का सबूत मांगा जाता है और वो भी उस विचारधारा के लोगों के द्वारा जो भारत के स्वातन्त्र्य आंदोलन में अंग्रेजों को कभी नाराज करने की गलती तक नहीं करते थे उनसे लड़ना तो दूर....
2.द्विगुटीय विश्व में तीसरा आयाम 'निर्गुट'जोड़ कर देश का अन्तर्राष्ट्रीय पटल पर मान किसने बढ़ाया?नेहरू-नासिर-टीटो की तिकड़ी की विश्व में क्या हैसियत थी?ध्यान करिए जरा....नेहरू जो कहें वो आधी दुनिया के लगभग मानती थी और उनको जानती थी
3.औद्योगिक आस्थान, आईआईटी, AIIMS,IIMs, भाखड़ा नांगल जैसे बांध आदि आधुनिक भारत के मंदिर,मस्जिद,गुरुद्वारे और चर्च के जैसे पूजा स्थल हैं,और देश के विकास हेतु अत्यंत आवश्यक हैं,ये किसके विचार थे?नेहरू जी के ना.तो क्या एक नए स्वतन्त्र हुए देश के नीति निर्माणकर्ता के ये विचार गलत थे क्या?
4.1965 में पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल अयूब खाँ के डायलॉग के जवाब में किसने कहा था कि उन्होंने कहा था कि रात का डिनर दिल्ली में करेंगे तो हमने सोचा सुबह लाहौर तक टहल कर वहीं सुबह का नाश्ता कर लें?जी हाँ ये भी कांग्रेस के प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी थे जिन्होंने जय जवान जय किसान का नारा भी दिया था.
4.राजा महाराजाओं और देश की गरीब जनता के बीच का भेद खत्म करने हेतु रजवाड़ों का प्रिवी पर्स किसने खत्म किया था?इंदिरा जी और कौन?
5.बांग्लादेश का जन्म;इंदिरा जी और कौन?
6.सिक्किम को उसकी जनभावनानुसार भारत का अंग किसने बनाया?इंदिरा जी और कौन?
7.कम्प्यूटर और टेलीकॉम की तकनीकी का आधुनिकीकरण किसने किया?राजीव गांधीजी और कौन?
8.अंतरिक्ष वाले राकेश शर्मा याद हैं?याद करिए उन्होंने किस प्रधानमंत्री के पूछने पर कि अंतरिक्ष से भारत कैसा लगता है ये कहा था कि सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा?जी हाँ इंदिरा जी से ही कहा थ
9.Asiad 82 याद है?
10.1991 से 1996 के बीच भारत की जरूरत के अनुसार खुली अर्थव्यवस्था की नीति कौन लाया?नरसिम्हा राव जी और मनमोहन सिंह जी
11.पोखरण परमाणु विस्फोट और फिर 2008 में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु समझौता किसने किया?पहले इंदिरा जी फिर मनमोहन सिंह
12.खाद्यान्न में देश आत्मनिर्भर बना किस सरकार के कार्यकाल में?इंदिरा जी
13.आधार,डायरेक्ट सब्सिडी ट्रांसफर किस सरकार की योजनाएं थीं?मनमोहन सिंह जी की
14.भारत को अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में पहचान दिलाने को 1982 में यूरोप-इंग्लैंड में इंडिया का अंतरराष्ट्रीय व्यापार फेस्टिवल का आयोजन किस प्रधानमंत्री ने किया था;जी हाँ इंदिरा गांधी जी ने
15.अमरीकी राष्ट्रपति निक्सन के शुष्क व्यवहार के फलस्वरूप रूस से 20 साल की संधि करके भारत की शक्ति को विश्व में एक नयी पहचान किस प्रधान मंत्री ने दी थी?जी हां इंदिरा गांधी जी ने ही
16.भारत में खुली अर्थव्यवस्था के चलते हस्तशिल्प उद्योग को बढ़ाने हेतु जर्मनी की तर्ज पर प्रगति मैदान में अंतरराष्ट्रीय गिफ्ट्स एवं हस्तशिल्प मेला 1994 में किस भारतीय प्रधानमंत्री के समय में शुरू हुआ?जी
हाँ नरसिम्हाराव जी के समय में!
सोचिये सोचिये सोचिये
5 साल से गाल बजाने वाले,विज्ञापन से देश चलाने का भ्रम पैदा करने वाले आ गए जो इस देश का सैकड़ों साल का आपसी प्रेम,भाईचारा,बड़ों का और एक दूसरे की भावनाओं और विचारों के सम्मान की परिपाटी तहसनहस करना चाहते हैं,अपनी सनक और सिर्फ अपनी सोच ही सही है इस भावना को देश पर थोपना चाहते हैं जो गिरगिट के रंग बदलने के गुण को पीछे छोड़ने में पारंगत हैं,जिनका और जिनके मूल संगठनों का देश के स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान नहीं हैं वो विज्ञापन के बूते पर,कुप्रचार के बूते पर शहीदी विरासत के अनुगामियों से यह पूछने की हिमाकत करना चाहते हैं कि राष्ट्रभक्त कौन है?जाति को अगड़ों पिछड़ों में लड़ा दो,नागरिकों को हिन्दू मुस्लिम में लड़ा दो क्या भारत के नौजवानों को यही फासिस्ट मानसिकता का भविष्य देना चाहते हैं यह लोग?हमारा भारत का कोई व्यक्ति और वो भी आज नहीं हजारों सालों से ऐसी विकृत सोच का नहीं रहा है.
वोट डालने के पहले ध्यान रखिएगा कि हर भारतीय के घर में चूल्हा जलना जरूरी है,रोजगार जरूरी है और नई पीढ़ी के लिए अभी से 2050 की प्लानिंग जरूरी है.
घर की छत चुएगी तो पानी जाति और धर्म देख कर नहीं टपकेगा,
गोरखपुर में जापानी ऐंसीफलाइट्स फैली तो काल ने हिन्दू,मुस्लिम,अगड़े,पिछड़े देख कर लोगों को अपना ग्रास नहीं बनाया था और जिन्होंने अपनों को खोया है ना,,, चाहे गोरखपुर जैसी महामारियों में अथवा
चाहे 1965 भारत पाक युद्ध में या 1971में या कारगिल में तो उस दिन सारा भेदभाव भूल कर सारा देश रो रहा था;और यही वो बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी चाहे जमाना लाख कोशिश करे,अरे यही तो हिंदुस्तान है कि चोट एक के लगती है तो दर्द पूरा देश महसूस करता है और यही हमारी सोच,समझ,संस्कृति तथा एकता है,यही हमारी हिंदुस्तानियत है,जो इसको तोड़ना चाहें,जो हमको बांटना चाहें उनको मुँह तोड़ जवाब देना जरूरी है और उस जवाब का माध्यम है आपका वोट.
निडर होकर अपने देश की एकता,अखण्डता,विकास और शान के लिए वोट करिए.
जिन झूठे विज्ञापनकर्ताओं और इवेंट मैनेजरों ने पिछले पाँच साल में देश को बांटने का प्रयास किया है,झूठे वायदे किये हैं,नोटबन्दी जैसे तुगलकी सनक के काम किये हैं उनको सब एक होकर बताने का अब ये ही समय है कि हम एक हैं,भारत एक है,राष्ट्रवादी हम हैं भारतवासी जो गांधी पटेल नेहरू और मौलाना आज़ाद के अनुयायी हैं।
हमको भारत को 2050 में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल करना ही है और हम करके रहेंगे अपनी एकता की ताकत से,अपनी देश की हस्ती के विश्वास से,अपने स्वतंत्रताआन्दोलन के शहीदों की चिंताओं पर ली गयी शपथों की शक्ति से और अपने राष्ट्रपिता गांधी जी और दो दो प्रधानमंत्रियों श्रीमती इंदिरा गांधी और श्री राजीव गांधी के बलिदान के शौर्य की रोशनी से!
हम वोट देंगे,सोच के देंगे,देश के लिए देंगे और जीतेगा हमारा भारत :हारेंगे ये ढोंगी देशविभाजक,भारत की खुशहाली के लिए इनको हारना ही होगा!
जय हिंद!जय भारत!
निवेदक:
अतुल चतुर्वेदी,
फ़िरोज़ाबाद
ये पोस्ट हमारे देश के लोकतंत्र के सबसे बड़े यज्ञ के लिए लिखी गयी है.आप भी इसको शेयर करके,फॉरवर्ड करके , लाइक करके और अपने महत्वपूर्ण कमेंट्स देकर इस यज्ञ में अपनी अमूल्य योगदान रूपी आहुति दीजिये.बस अपन शालीनता का दामन नहीं छोड़ेंगे ऐसा अनुरोध है.
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