अमर शहीद विजयभान को श्रद्धांजलि

अभी एक कार्यक्रम में एक पत्रकार महोदय से चर्चा हो रही थी.उन्होंने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर शहीद हुए फिरोजाबाद के चमरौली ग्राम निवासी अमर शहीद विजयभान सिंह का शव आज गांव आया तो उसके अंतिम संस्कार में कुछ विलम्ब इसलिए हुआ कि गांव वाले शहीद के परिवार के लिए पेट्रोल पंप आदि की मांग कर रहे थे.मेरे पूछने पर पत्रकार महोदय ने बताया कि चूंकि शहीद विजयभान सेना से न होकर अर्ध सैनिक बल से (BSF/CRPF) से थे इसलिए उनकी शहादत पर उनके परिवार को वो सुविधाएं कानूनन नहीं मिल सकती हैं जो सेना के शहीदों को मिलती हैं.
इस बात ने मेरे मन में कुछ प्रश्न उठाये जो आप सबसे शेयर कर रहा हूँ:-
1.सेना के शहीद और सेना के कारण ही आज देश सुरक्षित है और हम सब इसीलिए चैन से सो पाते हैं क्योंकि वो जागते हैं और उनकी सेवा और शहादत का कोई मोल नहीं हो सकता है.
2.दूसरी बात लेकिन यह है कि सीमा पर यदि शहादत बीएसएफ या सीआरपीएफ के जवान की होती है तो वो भी तो शहादत देश के लिए ही है, जब देश और देशवासियों की रक्षा के लिए किसी भी सुरक्षाबल का सदस्य (पुलिस भी)अपनी जान कुर्बान करता है तो परिवार भी तो अनाथ होता है,वो भी तो देश की सुरक्षा और हम सब के लिए अपने परिवार को मँझधार में छोड़ कर सर्वोच्च बलिदान देते हुए शहीद हो गए तो फिर उनके साथ यह भेदभाव क्यों?
3.हो सकता है जब इन CRPF,BSF,CISF आदि पैरामिलिट्री फोर्सेज का गठन हुआ हो तब परिस्थितियां कुछ और रही हों किन्तु आज ऐसा नहीं है.सीमा पर देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने से बड़ा और क्या बलिदान है?
इसलिए सरकार को इस विषय में सोचना चाहिए और देश के लिये जान कुर्बान करने वाले हर अमर शहीद के परिवारीजनों को बिना भेदभाव किये एक सा मुआवजा देने हेतु उचित कदम उठाने चाहिए और यदि आवश्यकता हो इसके लिए कानून में परिवर्तन भी करना चाहिए.
फिरोजाबाद के अमर शहीद विजयभान अमर रहें!
विनम्र श्रद्धांजलि!
शहीदों की चिंताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मरने वालों का बाकी यही निशां होगा!
जय हिंद की सेना!
जय हिंद!

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