भारत That is INDIA

आज एक whatsapp group में हमारे देश के नाम भारत  that is India पर चर्चा हो रही थी तो इस विषय पर जो मेरे विचार थे वो मैंने भी प्रस्तुत किये। मेरे ये विचार किसी के विरोध में नहीं हैं अपितु इस विषय में ये मेरी सोच और मेरे अपने विचार हैं जिनमें कुछ लोगों के विचारों से भिन्नता हो सकती है।विचारों की भिन्नता से किसी के भी विचारों की न तो गुणवत्ता प्रभावित होती और ना ही उनका महत्व कम होता है।एक दूसरे के और एक दूसरे के विचारों के प्रति भी यही विचार वैभिन्नय और सम्मान हमारी पुरानी शास्त्रार्थ वाली संस्कृति का मूलाधार भी रहा है।


भारत,भारतवर्ष या इंडिया नाम पर मेरे विचार प्रस्तुत हैं।


जिस भूखण्ड को हम लोग आज भारतवर्ष के नाम से जानते हैं उसके प्राचीन नामों में जम्बूद्वीप,बाद में जम्बूद्वीप भारतखण्डे, आर्यावर्त (मुख्यतः हिमालय और विंध्य रेंज के बीच का हिस्सा),सुमेरियन,असीरियन आदि सभ्यताओं में (लगभग 2300 से 4500 ईपू0)मेलुहा या मेलुक्खा अथवा भारत शब्द भी प्रारम्भ में आर्यावर्त के हिस्से को ही बताता था यद्यपि बाद में यह शब्द पूरे भौगोलिक क्षेत्र को इंगित करने लगा. जैन ग्रन्थों के अनुसार इस भौगोलिक क्षेत्र का नाम पहले राजा नाभि के नाम पर 'नाभिवर्ष' था.

ये और अन्य सभी नामों में एक कॉमन बात यह है कि जब भी किसी भी विदेशी भाषा भाषियों द्वारा इस भौगोलिक क्षेत्र को सम्बोधित किया गया तो यद्यपि सदैव सिंधु नदी यहाँ की सीमा नहीं थी किन्तु इस इलाके की बहुत महत्वपूर्ण और प्रारम्भिक सभ्यताओं की स्थली होने के कारण क्षेत्र के नाम का सिंधु से सम्बन्ध अवश्य होता था किंतु उच्चारण के कारण यह अलग अलग प्रतीत होते थे।

उदाहरण के लिए सिंधु:पर्शिया के और अरब क्षेत्र के लिए 'हिन्द',चीनी में 'थियांजू', 'शेण्डू','इन्ड्यू', जापानी में 'टेन्जिकु',यही शब्द पुरानी हिब्रू में 'होडू' हो जाता है.आधुनिक काल में इतिहास के पिता कहे जाने वाले और जिनसे 'History' शब्द बना है यानी हिरोडोट्स उन्होंने लगभग 440 ई0पू0 'इंडिया' शब्द का प्रयोग किया है.लगभग 300 ई0पू0 मेगस्थनीज़ ने भी 'इंडिया','इंडिका' शब्द का प्रयोग किया है.सन 140 ई0 के लगभग एरियन लोगों ने 'इंडोई' या 'इंडोऊ',1298 ई0 मार्कोपोलो ने 'इंडिया',1328 ई0 में फ्रायर जोरडेनस ने 'इंडिया' फिर 1404 ई0 में Ruy González de Clavijo ने ,' इंडिया माइनर',1590 में अबुल फजल ने, 'हिंदुस्तान' शब्द का प्रयोग किया है।

उपरोक्त उदाहरणों से मेरा कहने का तात्पर्य यह है कि India शब्द का प्रयोग भी इस भू क्षेत्र के लिए लगभग उतने ही पहले से होता है जितना हिंदुस्तान और इन शब्दों के पीछे उच्चारणों का भी रोल रहा है और इन शब्दों का Colonialism अथवा औपनिवेशिक मानसिकता से कुछ लेना देना नहीं है।

राष्ट्रवाद,राष्ट्रभक्ति,देशप्रेम एक बहुत अच्छी चीज है और मैं राष्ट्रकवि के शब्दों में कहूँ तो,"जिसको न निज गौरव तथा निज देश का अभिमान है, वह नर नहीं नर पशु निरा और मृतक समान है' तथा 'जो भरा नहीं भावों से बहती जिसमें रसधार नहीं, वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमेें स्वदेश का प्यार नहीं." 

लेकिन ये जो आज एक माहौल हर चीज को राष्ट्रवाद से ही जोड़ने का बन गया है मैं इस से सहमत नहीं हूँ और ना ही इस बात से कि आप एक नाम लें तो राष्ट्रवादी हैं और कोई दूसरा लें तो राष्ट्रविरोधी और ना ही मैं इस आधुनिक ट्रेंड से सहमत हूँ जिसमें देशभक्त और देशभक्ति के सर्टीफिकेट बांटने का कुछ स्वयम्भू लोगों ने ठेका ले रखा है.जहाँ तक 'भारत' नाम का सवाल है तो यहाँ यह भी स्पष्ट कर दूँ कि इस नाम से हम लोग (यानी मैं खुद) अपना एक रिश्ता मानते हैं और वो ऐसे कि ऋषि विश्वामित्र-मेनका की पुत्री शकुंतला-दुष्यंत के प्रतापी पुत्र राजा 'भरत' थे,जिनके नाम पर भारतवर्ष का नाम पड़ा और हम लोगों का गोत्र 'सौश्रवस' है जो 'ऋषि विश्वामित्र' का ही/से ही सम्बन्धित है और भरत एवं भारतवर्ष नाम पर हमको गर्व भी है किंतु 'हिन्द', 'हिंदुस्तान', 'इंडिया' 'जम्बूद्वीप', 'आर्यावर्त' या कुछ भी कहिये,मुझको तो नाम कुछ भी लें ये भूखण्ड सारे जहाँ से अच्छा (हिन्दुस्ताँ हमारा)ही लगता है।

ये जो हर चीज में असहिष्णुता और Pseudo Nationalism का मौसम सा आ गया है इस बात को भविष्य के लिए मैं अच्छा नहीं मानता क्योंकि मैंने हिटलर और मुसोलिनी के राष्ट्रवादी उन्माद का इतिहास भी पढ़ा है और धार्मिक कट्टरता वाले पाकिस्तान के जन्म,हरकतों और उसकी असलियत का इतिहास भी पढ़ा है और ऐसे ही कारणों से उसको हम सभी बर्बाद होते भी देख रहे हैं।

इसलिए मुझको मेरा देश और इसका ज़र्रा-ज़र्रा और इसका हर नाम बहुत ही प्यारा है,आप उसको हिंद,हिंदुस्तान, इण्डिया या भारत कुछ भी कहें इस से अपने देश के प्रति न मेरा प्यार कम होता है और ना ही इसके प्रति मेरा आत्माभिमान कम होता है।

जय हिंद!


अतुल चतुर्वेदी

Comments

  1. 👌 great 🙂 I admire of your power of writing and skill of explaining in such a beautiful language, All that seems that u r ATULNEEYA 👋👋👋

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  2. Good article on India. Jai Hind.

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