एंटरटेनमेंट की दुनिया में इलाहाबाद-प्रयागराज से सम्बंधित एक और नौजवान की दस्तक: भव धूलिया
एंटरटेनमेंट की दुनिया में इलाहाबाद-प्रयागराज से सम्बंधित एक और नौजवान की दस्तक:भव धूलिया
पिछले कई सालों से मैं यह सोचता हूँ कि इलाहाबाद या प्रयागराज शहर की खासियत वहाँ की किसी एक चीज में निहित है या फिर वहाँ का माहौल ही ऐसा है कि अगर कोई लगन से मेहनत से किसी काम को करना चाहता है तो इलाहाबाद उसको एक अलग रास्ता दिखाता है और सफलता भी उसके पीछे चलने लगती है।
आज मैं आपसे चर्चा करना चाहूंगा इसी इलाहाबाद से जुड़े एक ऐसे नौजवान जिसने इलाहाबाद की विशिष्ट परंपरा का पालन करते हुए एंटरटेनमेंट की दुनिया में ओटीटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी एक सशक्त पहचान प्रस्तुत की है। मैं बात कर रहा हूँ भव धूलिया की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार हुआ करते थे श्री के पी मोहिले साहब।हमारे परिवार के भी उनसे बहुत घनिष्ठ पुराने संबंध रहे हैं। स्व0 के पी मोहिले साहब के पुत्र स्वर्गीय अशोक मोहिले जी हाई कोर्ट इलाहाबाद में वकील थे। अशोक मोहिले साहब की पुत्री जौली मोहिले के पुत्र हैं भव धूलिया।भव के बाबा जस्टिस के0सी0 धूलिया इलाहाबाद हाई कोर्ट में जज रहे, भव के पिताजी कैप्टन हिमांशु धूलिया भारतीय नौसेना में अधिकारी रहे।भव धूलिया के एक चाचा जस्टिस सुधांशु धूलिया सुप्रीम कोर्ट में जज है और भव के दूसरे चाचा तिग्मांशु धूलिया फिल्म इंडस्ट्री में एक प्रख्यात हस्ताक्षर हैं। यह सारी बैकग्राउंड मैंने यहां पर इसलिए लिखी है जिससे आपको मालूम पड़ जाए कि यह परिवार पुश्तों से इलाहाबाद से जुड़ा हुआ परिवार है।
यह वो इलाहाबादियत है जो कि वहाँ रहने वाले लोग समझते हैं जानते हैं तथा जो इस परिवार के अपने-अपने फील्ड में किए जाने वाले कामों में भी साफ झलकती रही है। अपने परिवार की शायद इसी परंपरा को देखते हुए और इलाहाबाद के माहौल से कहीं ना कहीं इंस्पायर होकर प्रभावित होकर भव के व्यक्तित्व ने भी विकास किया होगा।भव धूलिया का जन्म इलाहाबाद का है,प्रारंभिक कुछ महीनों की पढ़ाई इलाहाबाद फिर कोची,वेलिंगटन,मुम्बई आदि की है और फिर विभिन्न फिल्मों आदि के बनाने में काम करते हुए प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेकिन भव के घर वालों की वजह से उनका इलाहाबाद कनैक्शन भी उन को प्रभावित कर ही रहा था।
भव धूलिया ने ओटीपी चैनल नेटफ्लिक्स पर एक सीरीज प्रस्तुत की है खाकी नाम से। खाकी बिहार के एक सच्चे घटनाक्रम और भारतीय पुलिस सेवा के अफसर श्री अमित लोढ़ा के एक कुख्यात दुर्दांत अपराधी चंदन महतो को पकड़ने की स्टोरी पर आधारित है। धूलिया का नाम उनके परिवार का कनेक्शन और उनकी प्रयागराज की बैकग्राउंड से प्रभावित होकर मुझे उत्सुकता हुई कि मैं इस नेटफ्लिक्स सीरीज को देखूं। जब इस सीरीज को देखना शुरू किया तो मैंने पाया कि इसकी ओरिजिनल कहानी जो भी रही हो लेकिन इसकी पटकथा सशक्त और कसी हुई है इसमें भव धूलिया ने जो डायरेक्शन किया है वो आपको हर जगह बताता है, हर सीन में हर एक्शन में आपको डायरेक्टर का प्रभाव स्पष्ट दृष्टिगोचर होता है।मैं नेटफ्लिक्स सीरीज का खाकी सीरियल देखता जा रहा था और मन में प्रसन्नता हो रही थी कि इलाहाबाद से सम्बंधित एक नौजवान फिर से उतर पड़ा है एंटरटेनमेंट की दुनिया के क्षेत्र में जहाँ उसको काम करके न सिर्फ अपने आप को न सिर्फ अपने परिवार को बल्कि इलाहाबाद को भी एक गर्व करने का नया मौका देना निश्चित है।इस सीरीज में अत्यंत सशक्त एक्टिंग है कलाकार जतिन सरना की जिनके किरदार को नाम दिया गया है चवनप्राश।इसको देखते समय प्रतीत होता है कि डायरेक्टर के निर्देशन और चवनप्राश की एक्टिंग में होड़ लगी हुई है कि कौन बेहतर है। अन्य कलाकारों में चाहे वह अमित लोढ़ा आईपीएस की एक्टिंग करने वाले करन ताकर हो या अभिमन्यु सिंह, इंस्पेक्टर रंजन कुमार के रोल में जो सस्पेंड हो गए,उनकी एक्टिंग अच्छी है।अमित लोढ़ा की पत्नी के किरदार में निकिता दत्ता की एक्टिंग भी काफी अच्छी है।चंदन महतो के रूप में कलाकार अविनाश तिवारी की एक्टिंग अच्छी है यद्यपि जहाँ उन्होंने वोकल होने की कोशिश की है वहाँ लगता है कि गब्बर सिंह के किरदार ने कहीं ना कहीं उन पर अपनी छाप छोड़ी है। आशुतोष राणा का किरदार एक अलग किस्म का किरदार है जो शायद कहीं ना कहीं किन्हीं क्षेत्रों में हकीकत के नजदीक भी है।आशुतोष राणा ने अच्छी ऐक्टिंग की है जो बिहार और बिहार जैसे न जाने कितने राज्यों के पिछड़े इलाकों की त्रासदी का वर्णन करती है।रवि किशन और अनूप सोनी ने भी अपनी उपस्थिति भरपूर दर्ज कराई है।यहाँ जो खास बात है वह यह है कि हमारे समाज में, हमारे आसपास जो ऐसे घटनाक्रम होते हैं उनके प्रति एक डायरेक्टर, एक फिल्मकार या एक सीरीज बनाने वाला कितना संवेदनशील है और वह कितने प्रभावी तरीके से उसको प्रस्तुत कर सकता है इस बात को अगर देखना है तो भव धूलिया द्वारा निर्देशित खाकी देखने पर आपको लगेगा कि भव धूलिया ने किरदारों से काम लेने में इस पूरी सीरीज में हर एपिसोड के प्रस्तुतीकरण में अपनी छाप छोड़ी है। मेरा यहाँ पर यह लिखने का एक विशेष उद्देश्य ये भी है कि जो इलाहाबाद से जुड़े हुए लोग हैं और जो लोग इलाहाबाद को जानते हैं या जो लोग इलाहाबाद की तरफ देखते हैं उन सब को यह महसूस करना होगा कि बदलते समय के साथ समय से कदम से कदम मिलाकर इलाहाबाद/प्रयागराज ने हमेशा अपनी रफ्तार कायम रखी है और उसी कायम रफ्तार का अगला कदम है भव धूलिया। जब सिविल सर्विस की आवश्यकता होती है देश को तो इलाहाबाद विश्वविद्यालय के माध्यम से इलाहाबाद शहर जिसको आज प्रयागराज कहा जा रहा है सिविल सर्वेंट्स देता है जब राजनैतिक लोगों की आवश्यकता है तो इलाहाबाद से एक से एक अच्छे राजनैतिक चेहरे निकले, जब समाज में सामाजिक मूल्यों की चर्चा करना साहित्य की बात करने वाले क्षेत्र की बात होती है महाकवि निराला, महादेवी वर्मा, सुमित्रा नन्दन पंत,हरिवंश राय बच्चन, फिराक गोरखपुरी जी से लेकर आज तक न जाने कितने लोगों के नामों की लंबी चौड़ी फेहरिस्त है। इतिहासकारों की बात करें साहित्यकारों की बात करें वैज्ञानिक और अन्य क्षेत्रों में भी इलाहाबाद के लोग दुनिया में अपना नाम कर चुके हैं।फिल्मी दुनिया की ही बात करते हैं तो सईद जाफरी,अमिताभ बच्चन आदि के नाम से कौन अपरिचित हैं। तिग्मांशु धूलिया ने भी अपनी जबरदस्त पहचान बनाई है और उन सबके पद चिन्हों पर चलते हुए आज एक लड़का और आया है अपनी पहचान बनाने को भव धूलिया। यहां मैं कोई खाकी सीरियल का रिव्यू लिखने के लिए यह लेख नहीं लिख रहा हूँ बल्कि अपने जैसे अनेकों इलाहाबादियों को यह बताने के लिए यह लिख रहा हूं कि देखिए इलाहाबाद की पारिवारिक पृष्ठभूमि का एक नौजवान सपने देखता है फिर उस दिशा में काम करता है तो उसने जो काम किया है उसमें इलाहाबाद का फ्लेवर दिखता है जिससे वह अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है। क्षेत्र चाहे कोई हो लेकिन उसी इलाहाबादी परंपरा का पालन करते हुए भव ने सक्षमता और लगन से यह काम किया है जिसने इलाहाबाद से जुड़े लोगों को गर्व का मौका दिया है।खाकी के रूप में एक अच्छा सीरियल बनाया हैं और एक अच्छे निर्देशक के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है सारे कलाकारों से अच्छा काम लेकर, एक अच्छी पटकथा को साकार रूप देकर और सबसे बड़ी बात यह है देखने वालों के लिए एक अच्छा एंटरटेनमेंट प्रस्तुत करके। मैं उम्मीद करता हूं इलाहाबाद से हमें और भी प्रतिभाएं अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को आगे भी मिलती रहेगी। प्रयागराज के इस बालक के लिए उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।
Nice to note this...All the best for Bhav Dhulia...Young lad from Prayag raj.
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