महाशिवरात्रि

आज महाशिवरात्रि का दिन है और लोग त्योहार मना रहे हैं।मुझको याद आता है जब हम इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के सर गंगा नाथ झा हॉस्टल में रहते थे।हॉस्टल में वैसे तो हर त्योहार काफी धूम-धाम से मनाया जाता था किंतु महाशिवरात्रि की बात ही कुछ और थी।सुबह से सभी इनमेट्स में उत्साह देखते बनता था और शाम का इंतज़ार भी।वैसे तो हॉस्टल में सात्विक,राजसी और तामसी शौक-विचार रखने वाले अनेकों लोगों के अपने-अपने ग्रुप हुआ करते थे लेकिन महाशिवरात्रि की शाम का इंतज़ार सभी को उतने ही भक्तिभाव से रहता था।
शाम होने पर हॉस्टल के कॉमन रूम में पूजा होती थी फिर भांग,प्रसाद आदि का वितरण होता था और विशेष आकर्षण रहता था गरमा गरम गुलाब जामुन का।उस समय की धूम,जोश और हो-हुल्लड़ का नज़ारा ही अलग होता था।आज भी सब महाशिवरात्रि के त्योहार को मनाते होंगे,आनन्द भी  आता होगा लेकिन छात्रावास के माहौल और इष्ट-मित्रों के साथ भांग और गुलाब जामुन के साथ का मौज और मजा कुछ और ही था।अब भी जब उन दिनों को याद करते हैं तो मन कहता है कि काश कोई लौटा दे वो बीते हुए दिन....
आप सभी को महाशिवरात्रि पर्व की बधाई!
जय साम्बसदाशिव!
हर हर महादेव!
🙏🙏

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