भारत की अंतरिक्ष यात्रा


अभी हाल में ही ट्विटर पर एक खबर देखी जिससे मालूम पड़ा कि चीन के अंतरिक्ष यात्री चीन  के ही स्पेस स्टेशन पर 6 माह समय बिता कर लौटे हैं जबकि हमारे हीरो राकेश शर्मा 1984 में अंतरिक्ष मे जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री थे और चीन का पहला अंतरिक्ष यात्री 2003 में गया।
भारत ने 1984 में राकेश शर्मा के रूप में अंतरिक्ष में एक ऐतिहासिक कदम रखा था, और आज भी हमारी चंद्रयान, मंगलयान तथा अन्य उपलब्धियां गर्व करने लायक हैं और हमारे पास अपार संभावनाएं भी हैं। लेकिन दुख की बात यह है कि हम अभी भी धार्मिक और सामाजिक  मुद्दों को ही प्रमुख मानते हुए उन्हीं में उलझे हुए हैं, जो हमारे असली सामर्थ्य को रोकते हैं। ऐसा नहीं है कि वो मुद्दे बिल्कुल जरूरी नहीं हैं पर सवाल हमारी प्रगति और उसके लिए प्रायोरिटी का है।
चीन की #Shenzhou18 मिशन की सफलता, जहाँ कमांडर ये गुआंगफू ने एक साल से ज्यादा समय अंतरिक्ष में बिताया, हमें यह याद दिलाती है कि अगर एक देश एकजुट हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
भारत में भी वही ताकत है, वही क्षमता है, बस हमें अपने आंतरिक विवादों को खत्म कर एकजुट होना होगा। अगर हम यह कर पाए, तो कोई भी लक्ष्य हमारे लिए बहुत दूर नहीं।
उम्मीद है जल्द ही हमारा अपना स्पेस स्टेशन होगा अन्तरिक्ष में जहाँ हमारा तिरंगा लहरा रहा होगा।
 #सारे_जहाँ_से_अच्छा_हिंदुस्तान_हमारा

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