लोकसभा चुनाव 2024 में गुड़गाँव के कुछ अनुभव

इस लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र में भी प्रचार का मौका मिला और इस वजह से गुड़गांव शहर से बाहर निकल कर हरियाणा राज्य के कुछ हिस्से देखने का अनुभव मिला।ये अनुभव मेरे लिए एक किस्म से शॉकिंग था।मेरे मन में हरियाणा की एक बहुत ही विकसित राज्य की छवि थी लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट लगी।हाइराइज इमारतों वाले गुड़गांव शहर से थोड़ा दूर जाते ही दिखीं खराब सड़कें, अत्यधिक गन्दगी, पतली कंजस्टेड गलियां और कुछ लोगों  में  तो जमीन से आये अकूत धन का स्तर पर अधिकांश में बहुत निराशा।मुझको वाकई बहुत निराशा हुयी कि क्या हरियाणा के इस क्षेत्र में विकास का मतलब सिर्फ गुड़गांव के कुछ शहरी इलाके मात्र हैं.....
इस चुनाव के अपने अनुभव समय-समय पर अपने सोशल मीडिया पर साझा करता ही रहूँगा, लोगों से सम्वाद होता है उससे बहुत जानकारी मिलती है, सीखने को मिलता है वो अनुभव भी अमूल्य है पर हॉं हरियाणा के आम ग्रामीण लोगों का व्यवहार और  खातिरदारी बहुत अच्छी लगी। सोहना-तावड़ू विधानसभा के दमदमा में एक अलग किस्म की ठंडाई पीने को मिली जो स्वादिष्ट भी थी और गर्मी में राहत देने वाली भी और ऐसी ही थी सिलोखड़ा गाँव में मुकेश शर्मा जी के यहाँ की लस्सी।

Comments

Popular posts from this blog

काँच का इतिहास:विश्व,भारत और फ़िरोज़ाबाद

दीपावली की कुछ यादें

Exports documentation & beginning of the International Trade Fairs (1994)