Posts

Sindbad Travels-9

Sindbad Travels-9 Egypt-5 Cairo 2nd day Egyptian Museum मिस्र-5 काहिरा 2सरा दिन इजिप्शियन म्यूज़ियम काहिरा का शहीद स्मारक देख कर अब हम लोग मिस्र के विश्वप्रसिद्ध प्राचीन संग्रहालय की ओर जा रहे थे कि मिस्टर मैगदी ने ड्र...

Sindbad Travels-8

Sindbad Travels-8 Egypt-4 Cairo 2nd day Martyrs memorial etc. मिस्र-4  काहिरा 2सरा दिन शहीद स्मारक आदि अब हम लोग उसी शानदार गाड़ी में बैठ कर फिर चल दिये काहिरा की सड़कों पर।मौसम गर्म सा ही था इसलिए मैं आधी बाँह की शर्ट पहने था हाँ...

Sindbad Travels-7

Image
Sindbad Travels-7 Egypt-3 Cairo 2nd day Papyrus Museum  मिस्र-3  काहिरा 2सरा दिन पेपिरस म्यूज़ियम  नील नदी और उस से जुड़ी बातों को सोचता हुआ अब मैं मिस्र के प्रसिद्ध Papyrus Museum पहुँच चुका था।म्यूज़ियम में अंदर घुसे तो ऐसा लगा कि किसी बहुत बड़ी चित्र दीर्घा में आ गए हों।चारों तरफ न जाने कितने किस्म के अलग अलग साइजों के चित्र टंगे और रैकों पर लटके हुए भी थे।इतने सुंदर चित्र थे वो कि शब्दों में बयान करना मुश्किल ही नहीं अपितु नामुमकिन है। मिस्टर मैगदी ने मुझको वहाँ एक महिला और एक पुरुष गाइड अथवा उस म्यूज़ियम के कर्मचारियों से मिलवा दिया।वो लोग बहुत ही सभ्य,सुसंस्कृत थे और उनकी अंग्रेज़ी भी ठीक थी।उन लोगों ने मुझको बताना शुरू किया कि इजिप्ट में हजारों वर्ष पहले सभ्यता इतनी उन्नति कर चुकी थी कि उन लोगों ने लिखने और चित्र आदि बनाने हेतु एक किस्म की वानस्पतिक शीट बनाने में सफलता प्राप्त कर ली थी और इसको पेपिरस कहा जाता था।पेपिरस शब्द लैटिन और ग्रीक के पौरोस से आया था।पेपिरस बनाने की विधि मिस्र वालों ने बहुत समय तक गोपनीय रखी और उसका लाभ उठाते रहे।ये पेपिरस नील नदी के डेल्टा मे...

Sindbad Travels-6

Image
काहिरा में दूसरे दिन की सुबह मेरी नींद कुछ इतनी जल्दी खुली कि कह नहीं सकता कि मैं पहले उठा या सूरज की पहली किरण।सुबह सुबह घर फोन से बात भी हो गयी थी।होटल से फोन करके मैंने हर जगह की तरह यहाँ से भी अपना होटल का फोन और कमरा नंबर बता दिया था फिर घर से फोन आ गया था।उस वक़्त मोबाइल आदि तो थे नहीं और होटल से कहीं भी फोन करना हमेशा बहुत महंगा होता है इसलिए मैं घर पर बता देता था और फिर वहाँ से वापिस फोन आ जाता था।घर से दूरी बढ़ती जा रहा थी इसका अहसास समय का फर्क यानी कि time difference  भी बता देता था।दुबई और भारत में समय का फर्क 1 घंटे और 30 मिनट का था यानी कि भारत का समय डेढ़ घंटे आगे था।इसका मतलब ये हुआ कि यदि दुबई में सुबह के 7 बजे हैं तो भारत में सुबह के 8:30 बजे होंगे।दोहा-कतर और बहरीन में ये फर्क 2 घंटे और 30 मिनट का हो चला था यानी कि वहाँ यदि सुबह के 7 बजे तो भारत में सुबह के साढ़े नौ बजे थे और अब मिस्र पहुँचते पहुँचते ये फर्क 3 घंटे और 30 मिनट का हो गया था।यानी कि यदि काहिरा में सुबह के सात बजे तो दिल्ली में सुबह के 10:30 बजे होंगे। सुबह जल्दी उठ कर स्नान-ध्यान करके मैं थोड़ी देर कमरे...