आगरा का कैलाश मंदिर

आगरा का कैलाश मन्दिर!


आगरा-मथुरा-दिल्ली रोड पर सिकन्दरा से थोड़ा आगे बढ़ने पर और मरियम के मकबरे के ठीक सामने के रास्ते से कुछ किलोमीटर अंदर जाने पर
यमुना के किनारे यह अति प्राचीन,अति मनोरम,सिद्ध स्थल है!
कहा जाता है कि इसकी स्थापना सदियों पूर्व (मान्यता के अनुसार लगभग 15 हजार वर्ष पूर्व??!!!)भगवान परशुराम जी के पिता महर्षि जमदग्नि ने की थी और यही एक ऐसा स्थल है जहाँ एक साथ दो-दो शिवलिंग विराजमान हैं!
यहाँ के वर्तमान कार्य देख रहे महंत श्री गौरव गिरि जी से मुलाकात हुयी. उनके साथ चाय का प्रसाद लिया और इसी दौरान उन्होंने बताया कि ईस्वी सन 1264 से उनके परिवार के लोग ही इस मंदिर के महंत रहे हैं और वर्तमान में यह उस परंपरा की 20वीं पीढ़ी है!
मेरा इस स्थान पर कई दशकों से दर्शन करने हेतु जाना रहा है.1980 के दशक में मैं सावन के महीने में सोमवार को अपनी माँ के साथ और अपनी शादी के बाद मैं,मम्मी और मेरी पत्नी हम सब दर्शन  हेतु जाते थे (तब कार मन्दिर तक चली जाती थी,अब तो श्रावण मास में इतवार दोपहर से ही फ़िरोज़ाबाद से आगरा ही जाने में दिक्कत हो जाती है,भीड़ के कारण,मन्दिर तक तो कार जाने का सवाल ही नहीं है).आगरा के स्व0श्री हरीमोहन चतुर्वेदी जी (हम लोगों के हरी दद्दा)का भी कैलाश मंदिर से बहुत जुड़ाव था और मेरी उनकी वहाँ भी कई बार मुलाकात होती थी.
यह बहुत ही रमणीक स्थल है.यहाँ प्रसिद्ध फिल्मकार सुभाष घई की फ़िल्म 'परदेस' की शूटिंग भी हुयी थी.
यमुना किनारे अवस्थित अति प्राचीन यह शिव मंदिर अत्यंत पावन सिद्ध और दर्शनीय स्थल है!

Comments

  1. वाह क्या बात ! रोमांच आ गया ! सुना है सिद्ध मंदिरों में वाइब्रेशन होते हैं... जो जाते ही पता चलते हैं .. क्या आपको भी ऐसा लगा वहां जा कर ?

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