आसाम में चतुर्वेदी गए 16वीं शताब्दी में

कई बार बहुत से काम आप केवल अपनी खुशी (स्वान्तः सुखाय) के लिए करते हैं और ऐसे ही कोविड महामारी वाले समय में हमने भी श्री माथुर चतुर्वेदी समुदाय के इतिहास, संस्कृति, परंपरा आदि विषयों को समेटते हुए ‘चतुर्वेदी हैरिटेज’ नाम से एक यूट्यूब सीरीज बनाई थी जिसको देश-विदेश में फैले श्री माथुर चतुर्वेदी लोगों द्वारा काफी पसंद भी किया गया था। 
अभी दो-तीन दिन पहले मेरे पास फेसबुक पर अरुण ज्योति छांगकाकोटी नाम से एक friend request आयी जिस पर मैंने पहले कोई ध्यान नहीं दिया क्योंकि एक तो मैं उनको जानता नहीं था दूसरे वह आसाम से थे जहाँ मेरा कोई विशेष सम्पर्क भी ध्यान में नहीं था। आज अरुण ज्योति की तरफ से एक मैसेज फेसबुक मैसेंजर पर आया जो मैं नीचे दे रहा हूँ। इस मैसेज को देख कर मुझको लगा कि मेरा चतुर्वेदी हैरिटेज की सीरीज बनाना कुछ सार्थक तो हुआ। अरुण ज्योति छांगकाकोटी के पूर्वज ज्योतिष के प्रकांड विद्वान थे और उस समय यानी लगभग सन 1575 में उनको तत्कालीन अहोम राजाओं ने अपनी मदद के लिए बुलाया था और इनको छांगकाकोटी की उपाधि दी (वैसे हो सकता है मथुरा का चतुर्वेदी आसाम पहुँचते-पहुँचते छांगकाकोटी हो गया हो या उससे मिलती जुलती उपाधि ही हो)। तबसे ये लोग आने नाम में छांगकाकोटी लगाने लगे। सन 1575 में असम पहुँचने के बाद इनका परिवार वहीं बस गया तथा अब ये लोग ‘सूर्य विप्र’ कहलाते हैं। अरुण ज्योति के पूर्वज आचार्य गोपालदेव भट्ट चतुर्वेदी और फिर उनके पुत्र नित्यानन्द चतुर्वेदी मथुरा के थे, ज्योतिष के विद्वान थे तथा इनके परिवार के लोग मथुरा में किसी मंदिर के पुजारी भी थे। अरुण ज्योति जी ने अपना वंश वृक्ष भी भेजा है जो मैं इस पोस्ट के साथ शेयर कर रहा हूँ इस उम्मीद के साथ कि शायद कोई सूत्र मिलेगा।
नीचे दिया अरुण ज्योति का मैसेज सब कुछ बता दे रहा है और मैं उसको इसलिए पोस्ट भी कर रहा हूँ कि मथुरा या मथुरा से जुड़े किसी श्री माथुर चतुर्वेदी बंधु को इस विषय में कोई जानकारी हो तो कृपया मुझको बताएं ताकि श्री अरुण ज्योति छांगकोटी जी की इस खोज में उनकी मदद की जा सके। 

नमस्ते,
मेरा नाम अरुण ज्योति  है, मैं असम से हूँ। कई सालों से मैं अपने पूर्वजों की वंशावली खोजने की कोशिश कर रहा हूँ।
हमारे पूर्वज मूल रूप से मथुरा के थे — आचार्य गोपालदेव भट्ट चतुर्वेदी, जिनके पुत्र नित्यानंद चतुर्वेदी सन् १५७५ के आसपास अहोम शासनकाल में असम आ गए थे।
तब से हमारा वंश यहाँ फैला है।

these Brahmins came from different places of UP. & In some of these Family Vanshavali had gaon names like: HariPriya Gram, HariHara Gram, FalphuGram etc from where they came...... But there was no detail about from where we came, so I was trying to connect with people for 3years who might've researched about our ancestor's origin place, finally I found out 2weeks before about mathura & also came to know about you as well from youtube through the Chaturvedi Heritage series..

मैं अब यह जानने की कोशिश कर रहा हूँ कि मथुरा में आज भी हमारे किसी संबंधित परिवार या वंशज का अस्तित्व है या नहीं।
काफी समय बाद, यूट्यूब पर आपकी Chaturvedi Heritage वीडियो सीरीज़ देखकर मुझे लगा कि शायद अब कोई कड़ी मिल सकती है।

अगर आप कृपया इस विषय में मार्गदर्शन कर सकें तो मैं अत्यंत आभारी रहूँगा।
क्या आप अपना संपर्क नंबर साझा कर सकते हैं ताकि मैं आपसे सीधे बात कर सकूँ? 🙏

आचार्य गोपालदेव भट्ट चतुर्वेदी --> नित्यानंद चतुर्वेदी (1575AD) --> दामोदर --> निरामय --> रघुनाथ --> बलराम --> विश्वनाथ --> उमाकांत --> देव प्रसाद --> तपन कुमार --> अरुण ज्योति

मेरे यूट्यूब चैनल का लिंक:-  https://youtube.com/atulchaturvedi

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