इतिहास की दृष्टि और सरदार बूटा सिंह
आज मैं आपसे जो किस्सा शेयर करने जा रहा हूँ वह एक ऐसे राजनीतिक व्यक्ति से जुड़ा है जिन्होंने मुझको इतिहास पढ़ने में एक नयी दृष्टि दी और रुचि भी बढ़ाई। किस्सा कुछ यूँ है कि कांग्रेस के प्रसिद्ध नेता और भारत सरकार के गृह मंत्री रहे स्व0 सरदार बूटा सिंह जी के मेरे पापा स्व0 श्री अशोक चतुर्वेदी जी से काफी घनिष्ठ सम्बन्ध थे और उनका हमारे घर फिरोजाबाद कई बार आना हुआ था। चूँकि सरदार बूटा सिंह जी को Z+ सुरक्षा मिली हुयी थी तो उनका आना काफी सुरक्षा बलों के साथ तो होता ही था जिसमें सबसे विचित्र लगता था उनकी गाड़ी के पीछे एक खुली गाड़ी में Light machine gun जिसका मुँह पीछे की दिशा में होता था और उस पर बैठे एक चुस्त-दुरुस्त सरदार सिपाही! साथ में लोकल अमला और ताम-झाम भी बहुत रहता था जैसे डॉक्टर, एम्बुलेंस इत्यादि। बूटा सिंह जी को खाने-पीने को वही चीज दी जा सकती थी जिसको उनकी सुरक्षा में इस विषयक लगे लोग स्वयं चखकर ओके कर दें। मथुरा-गोवर्धन क्षेत्र में एक बहुत प्रसिद्ध और सिद्ध संत हुए हैं स्वामी कंचन दास जी महाराज; वह एक बहुत उच्च कोटि के पहुँचे हुए संत थे पर मेरे पिता...