सिंदबाद ट्रैवल्स जर्मनी म्यूनिख

सिंदबाद ट्रैवल्स

जर्मनी म्यूनिख

इससे अगली बार मेरा कार्यक्रम कुछ व्यापारियों से मिलने का ऐसा बना कि एक सप्ताह में म्यूनिख में हमारे एक व्यापारी गए जिनका नाम मिस्टर जे सिंह और मिस इवोन था।उनका म्यूनिख में इंडिगो करके एक शो रूम हुआ करता था और वो लोग रिटेलर ऐंड इम्पोर्टर थे।सिंह साहब के ससुर साहब गोआ के राज्यपाल हुआ करते थे।सिंह साहब और इवोन हमारे यहाँ फिरोजाबाद में घर पर आकर रुक चुके थे और इस बार मैं उनके यहाँ लगभग एक सप्ताह रहा।उनकी मेहमाननवाजी की मैं जितनी प्रशंसा करूँ वो कम होगा।म्यूनिख में रोज़ सुबह मैं वहाँ के पार्क में टहलने जाता था जिसका अनुभव बहुत अच्छा था।पार्क में खूब हरियाली थी और पास से ही एक जलधारा भी बहती थी।उस पार्क में मैंने एक अजीब बात देखी कि बहुत से लोग वहाँ एक स्लीपिंग बैग और शानदार सैमसोनाइट या डैलसी के सूटकेस लिए हुए बाकायदा उस पार्क में रहते थे।बाद में मुझको पता चला कि वो पूर्वी यूरोप से आये शरणार्थी थे।
म्यूनिख शहर जर्मनी के बहुत प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण शहरों में है।यह बवेरियन आल्प्स के उत्तर में  और  प्रसिद्ध डेन्यूब की सहायक नदी आइसार ISAR के पास बसा है।आइसार नदी कुछ ऐसी है कि इसमें राफ्ट से ज्यादा साइज़ की चीजें चल नहीं सकती अर्थात उससे बड़े साधनों के नौचालन हेतु नैवीगेवल नहीं है।म्यूनिख बर्लिन और हैम्बर्ग के बाद जर्मनी का तीसरा सबसे बड़ा शहर है।यह जर्मनी की सबसे घनी आबादी वाली म्युनिस्पैलिटी है।यह बहुत पुराना शहर है और सन 1158 में भी अभिलेखों में इसकी चर्चा मिलती है।यह शहर अपर बवेरिया के ऊंचे प्लेन्स पर अवस्थित है।यह दक्षिण पूर्वी जर्मनी में है और ऑस्ट्रिया आदि की सीमाएं यहाँ से बहुत दूर नहीं हैं। 

म्यूनिख शहर से एक समय में नाज़ी पार्टी का बहुत जुड़ाव रहा था और गतिविधियां भी।शायद यह भी उन प्रमुख कारकों में एक था जिसके कारण द्वितीय विश्वयुद्ध में म्यूनिख को जबरदस्त बमबारी का सामना करना पड़ा था।
म्यूनिख में ही 1972 के ओलिम्पिक खेलों का आयोजन हुआ था जिसमें फिलिस्तीन से सम्बंधित बताए जाने वाले आतंकवादी संगठन ब्लैक सितंबर के आतंकवादियों ने इज़राइल के दो खिलाड़ियों की हत्या कर दी थी और 9 का अपहरण कर लिया था।सम्पूर्ण विश्व के लिए यह एक बहुत दुखभरी,अफसोसजनक और चौंका देने वाली घटना थी।
म्यूनिख जर्मनी के सबसे महंगे शहरों में है और यहाँ के रहन सहन का स्तर बहुत उच्च श्रेणी का है।यहाँ के मकानों के किराए और प्रोपर्टी की कीमतें बहुत ज्यादा हैं ऐसा मुझको मालूम पड़ा।यह शहर कला,तकनीकी,विज्ञान, संस्कृति, पर्यटन, प्रकाशन आदि के लिए एक वैश्विक केंद्र कहा जा सकता है।यहाँ पर BMw,Siemens,Man,Allianz,Municipal RE आदि विश्व प्रसिद्ध कंपनियां भी स्थित हैं।इस शहर में आपको प्राचीन और आधुनिक वास्तुकला की इमारतें एक साथ देखने को मिलेंगी क्योंकि जिन इमारतों को द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान की बमबारी ने तबाह कर दिया था उन इमारतों को पुनः उसी रूप में बनाया गया है।
म्यूनिख के मैरियनप्लाट्ज़ नामक बाज़ार/स्थान पर यहाँ की विश्वप्रसिद्ध कुक्कू क्लॉक The Rathaus-Glockenspiel है।यह एक प्राचीन अति विशाल घड़ी है जिसमें दिन में दो बार 32 सिपाही आदि के पुतले निकल कर एक शादी जैसा कार्यक्रम करते हैं और नीचे के हिस्से के पुतले निकल कर एक नृत्य करते हैं जो म्यूनिख के प्लेग के दिनों के बहादुर कूपर्स लोगों का हौसला बढ़ाने और सत्ता पर विश्वास कायम बनाये रखने को किया करते थे,उसकी याद में होता है और इस सबका अंत तीन बार उसमें स्थित एक छोटे सुनहरे मुर्गे के चहकने या बांग देने से होता है।
मिस्टर सिंह जिनके घर मैं म्यूनिख में रुका था वो मुझको यह क्लॉक दिखाने ले गए थे।
म्यूनिख में बिस्मार्क मेमोरियल भी है जहाँ मैं गया और बिस्मार्क की पत्थर की बनी विशाल मूर्ति, जिसके दाहिने हाथ में तलवार और बाएं में संविधान का प्रतीक कागज का बंडल है,के साथ एक फोटो भी मैंने खिंचवाई थी।यूरोप के इतिहास के जिन पात्रों ने मुझको बहुत प्रभावित किया बिस्मार्क उनमें प्रमुख में हैं।

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