सिंदबाद ट्रैवल्सजर्मनीवीज़बाडेन का टैक्सी वाला
सिंदबाद ट्रैवल्स
जर्मनी
वीज़बाडेन का टैक्सी वाला
जब मैं वीज़बाडेन गया तो नरेश मामा फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर मुझको लेने आये थे।मैं कई दिन नरेश मामा के साथ रहा और एक दिन तो वो हमारे साथ हमारे फेयर भी गए थे।फ्रैंकफर्ट से वीज़बाडेन ट्रेन से आने में ओपेल शहर भी पड़ता था जहाँ विश्वप्रसिद्ध कार निर्माता कंपनी ओपेल स्थित है और स्टेशन से गुजरते में रास्ते में कारों का जमावड़ा भी दिखता था।
एक दिन ऐसा हुआ कि मैं फ्रैंकफर्ट से लौटा और टैक्सी करके नरेश मामा के घर की ओर चला।मुझको लगा कि टैक्सी रोज़ वाले रास्ते की जगह दूसरे रास्ते से जा रही है और फिर टैक्सी 10 मिनट की जगह आधा घंटा घूमती रही,ड्राइवर रेडियो फोन से बात करता रहा तो मुझको लगा कि हमारे यहाँ की तरह आज वीज़बाडेन का टैक्सी वाला लंबा बिल बना देगा।आखिर में लगभग 35-40 मिनट में हम अपने गंतव्य यानी नरेश मामा के घर पहुँचे तो मुझको बहुत गुस्सा आ रही थी।मैंने मीटर में चमकता बिल देखा तो वो लगभग 30 मार्क का था।लेकिन तभी टैक्सी वाला बहुत शर्मिंदा होकर बोला कि मुझको माफ करिए मेरी वजह से आपका बहुत समय खराब हुआ क्योंकि मैं यहाँ नया हूँ तो रास्ते मे कन्फ्यूज हो गया था।वो बहुत शर्मिंदा होकर माफी मांगते हुए बोला कि आप जब आते हैं तो कितना बिल होता है।इस पर मैंने उसको बताया कि बिल तो 12 मार्क का होता है तो उसने कहा आप सिर्फ उतना ही दीजिये और सिर्फ 12 मार्क लेकर वो माफी मांगता हुआ वहाँ से चला गया।मैं जर्मनी के टैक्सी ड्राइवर के चरित्र को देखकर बहुत प्रभावित था और हैरान भी!
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