सिंदबाद ट्रैवल्स म्यूनिख का पान मसाले का किस्सा

सिंदबाद ट्रैवल्स
म्यूनिख का पान मसाले का किस्सा

म्यूनिख में सिंह साहब का एक अपार्टमेंट था जिसके एक कमरे में हमारे रुकने की व्यवस्था थी।जैसा मैंने बताया सिंह साहब और इवोन बहुत अच्छे होस्ट थे।इवोन एक बहुत बड़ी और प्रसिद्ध रेस्टोरेटर यानी प्राचीन बिल्डिंग, कलाकृतियों,तस्वीरों के restoration यानी पुनरुद्धार की एक्सपर्ट थीं।उनके यहाँ जब हम लोग डिनर साथ-साथ करते तो वो लोग पानी के स्थान पर रेड वाइन लेते थे और मेरे लिए कोका कोला या पानी की व्यवस्था रहती थी।
यहाँ एक और मजेदार बात का उल्लेख मैं करना चाहूँगा कि जब मैं भारत से म्यूनिख, जर्मनी को जा रहा था तो सिंह साहब ने मुझसे अपनी पसंद के ब्रांड शायद राजदरबार पान मसाले को लाने की फरमाइश की थी और मैं उसके काफी पाउच उनके लिए ले गया था।मैंने उनसे पूछा कि जब ये मसाला नहीं मिलता तब आप क्या करते हैं।इस पर उन्होंने मुझको एक बहुत मजेदार किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि एक बार  उनका मसाले का स्टॉक खत्म हो गया और उनको मसाला खाने की बहुत इच्छा होती थी लेकिन था नहीं तभी एक दिन उन्होंने म्यूनिख सेंट्रल स्टेशन के पास डस्टबिन पर उनके वाले मसाले का ही एक खाली पाउच पड़ा देखा और अगके दिन फिर।इससे उनको लगा कि सुबह के समय यह मसाला खाने वाला व्यक्ति यहाँ से गुजरता है।तो अगले दिन सुबह से वो वहीं खड़े हो गए और उनका इंतजार रंग लाया थोड़ी देर में ही एक भारतीय सज्जन वहाँ से निकले जिनके पास उस मसाले का पाउच था।फिर क्या था मुलाकात हुई,बात हुई और सिंह साहब को मसाले वाला एक दोस्त और मिल गया।सिंह साहब ने बताया कि तब से उन दोनों में से जो मसाले की व्यवस्था करले वो दूसरे का भी ख्याल रखता है।

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